जो लोग कमर कस कर
प्रेम की खोज में निकले हैं,
जान लो कि वे पूरे प्रेमहीन हैं ।
ओदी लकडी, जो जलती नही ।
कोई ऐसी लता,
जो, कोशिशों के बाद भी, फलती नहीं ।
बाँस का लम्बा पेड़,
जिसमे फूल नहीं खिलता है ।
जो प्रेमहीन हैं,
उसे प्रेम कहीं नहीं मिलता है ।
लेकिन, जो स्वयं प्रेमी हैं,
वे प्रेम हर जगह पाते हैं ।
और ऐसे लोग
प्रेम कि खोज में कहीं नहीं जाते हैं ।
Monday, August 3, 2009
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